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Wednesday, September 29, 2010

hm ek hain.....

              माँ भारती के पुष्प हैं  हम कभी बिखरे नही,
              राम हो रहमान हो इन्सान ही होना सही
             कितना कठिन हो फैसला मन्दिर या मस्जिद के लिए
            भाई से पर भाई को बाँटना हमको नही .

            कल अयोध्या  पर फैश्ला आ रहा है ..... हमे अपनी न्याय पालिका पर पूरा यकीं करना चाहिए.यदि कही कुछ आपके मन का नहीं है तो  आप न्यायिक रास्ता ही अपनायें----- किसी भी प्रकार से किसी को उत्तेजना या गलत रास्ता न तो अपनाएं और न ही उस पर चलने की अनुमति डे
जय हिंद.

Wednesday, September 22, 2010

kaise kuch bhi likh paunga.

भावों के कोरे कागज पर क्या कुछ मैं लिख कर दे  पाउँगा.
अन्तश की यह विरह वेदना क्या तुमसे प्रिय  कह पाउँगा ..
जब जब कुछ कहना चाहा है अधर बीच में रुक जाते हैं
आँखों की  बहती धारा में स्वप्न सुनहरे  आ  जाते हैं.
कितना कठिन ब्यक्त कुछ करना अपने सच्चे उद्गारो को.
चाह  चाह कर छिपा न paauun   अंदर की इन मनुहार्रों  को
छावों की इस बगिया में क्या दो पल में रुक पाउँगा .
भावों ..............

Thursday, September 16, 2010

aao hm sb saath raheyn....

राम ने कहा था कभी --
बानर या मनुज सभी
न्याय हेतु लड़ो किन्तु
प्रेम को न भूलो अभी .......
शांति और प्रेम में
अकूत शक्ति  है छिपी...
गाँधी ने भी यही शस्त्र
अहिन्षा के साथ लिया
शांति शौहद्र को ही साथ ले
मानव को इसी का अनूठा मंत्र दिया...
नये तूफ़ान का डर जो आज सता रहा.
सहन सकती सह अस्तित्व को न भूलू कभी..
शंकट की घडी में रास्ता यही बता रहा.

Wednesday, September 15, 2010

shok sndesh.

अत्यंत दुःख के साथ कहना है की  तिवारी जी आज दिनांक १५-०९-२०१० को पञ्च तत्त्व में लीं हो गए . आज उनोहने अपरान्ह १२ बजे अपनी अंतिम सास ली . उनकी आत्मा को सन्ति मेले.
ॐ शांति शांति शांति..

Tuesday, September 14, 2010

aao mhimamai kalivinod ke liye kuch karen......

आई बी एन ७ द्वारा प्रायोजित उस वक्तित्व को आपने जरूर देखा होगा जिसे आमिर खान के कर कमलों द्वारा इंडियन आएदिअल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.. आपने जरूर देखा होगा उस विक्लोंग कलिविनोद को जिसे भूतपूर्व रास्त्रपति ज्ञानी जेल सिंह के कर कमलों द्वार विक्लोंग रत्न से विभूषित किया गया था... यह सम्मान तथा और न जाने कितने सम्मान पाने वाली इस महान विभूति ने विक्लोंग जानो के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया उनके लिए समाज मे इन्होने ब्यापक संघर्स किया उनकी अवरुद्ध जीवन को स्वयं इंजन चालित वहन बनाकर एक गति प्रदान की ...... ....आज वही तिवारी संज्ञा शुन्य , इलाज के लिए भगवान की ऑर निर्निमेष आंखे  तक रहा है.  इलाज के लिए पैसे नहीं है....दोनों किडनी खराब हो चुकी है ...६ लाख रुपए  खर्च हो चुके है. सेप्टिक होने से एक पैर कटा जा चूका है. ..... तिवारी की पत्नी श्रीमती  रमा तिवारी  पूर्ण समर्पण से उनकी आखिरी साँस  तक इलाज में लगी है... उनके एक लड़की तथा  दोनों लडके उस दिन खून  के प्रबंध में लगे थे कही खून भी सुलभता से नहीं मिल रहा था. .......चलते चलते अपने पाठको को ये भी बताते चलूँ की उनकी एक लड़की एवं एक लड़का भी अपनी किसोरावाथ में ही  अपपनी विक्लोंग जनों के सेवा में  न केवल समर्पित है अपितु दोनों लडको को उनकी अभूपुर्व सेवा के लिए  रास्त्रपति पुरस्कार मिल चूका है. एक लड़की को  इंटेल पुरस्कार से सम्मानीटी किया गया...वह कानपूर में तुलसी होपितल के    आई सी यु  में वेंतिलाटर पर भर्ती है..... आएये हम सब उनके जीवन के लिए प्रार्थना करे..
प्रभु कुछ करो मिटा दो उसके जीवन का संताप
सेवा पुण्य किया निरंतर किया कभी न कोई पाप
कष्ट उसे क्यों है अब इतना जिसने सबका कष्ट मिटाया
जिसने सबके आंसू पोचे उस परिवार को क्यों है रुलाया.
 ॐ शांति शांति शांति........

hindi divas.

पावन हिंदी के सागर में ,हैं अमूल्य रत्नों की कड़ियाँ .
कबीरा तुलसी रसखान सूर बुन लो चाहे जितनी लड़ियाँ ..
भक्ति काल से लेकर अबतक  हिंदी प्रवाह रस घोल रहा
अपनों से अपनी भासा में  म्रदुता वाणी मन तौल रहा .
फिल्में  हो या फिर कम्पूटर विश्व में हिंदी छाई है
नई उमंगो  संग अपनी हिंदी दुनिया में  आई है.
कीर्तिमान हिंदी के अब  नई पताका बन फहरे
भाव भूमि की धरती पर उसके प्रभाव हों अति गहरे ...........

आओं आज हम संकल्प ले की हिंदी को अंग्रेगी का विकल्प बनायें.  हिंदी दिवस पर हमारी सभी पथोको को हार्दिक शुबकामनाएं.
विष्णु कान्त मिश्र

Thursday, September 9, 2010

AN HUMBLE REQUEST...

ALL OF OUR READER ARE REQUESTED TO KINDLY BE MY FOLLOWER SO THAT I MAY GOT YOUR KIND MOTIVATION .... TO SERVE  THE NATION AS WELL AS SOCIETY . I HOPE THAT MY LEARNED READERS WILL BE KIND ENOUGH TO CONSIDER MY REQUEST. THANKS.

भाव सुमन जो भी अर्पित  हैं यह सब केवल तुम्हे  समर्पित .
प्रतिक्रियाएं यदि कुछ मिलती उनको पढ़कर होता गर्वित.
मत सम्मति से कुछ सिखकर थोडा सा परिमार्जन करता
मूल्यवान भावो को पाकर अपने मन की गागर भरता...
करे  अनुसरण  अस्पंदन का भाव भरी मनुहार कर रहा ,
अभिनन्दन वंदन अर्चन यह तोतली वाणी से दे रहा ........

LOT OF THANKS.     .......JAI HIND.