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Sunday, June 5, 2011

pujya baba ramdev ji

पूज्य प्रबल संघर्ष करो तुम रास्ट्र तुम्हारे साथ है .
कट जायेंगे सारे जन से अत्याचार के हाँथ है .
उनको पता नहीं है अब तक सत्य सदा विजयी होता है
झूठ मूठ के दिग्गी कुत्तों को आखिर रोना पड़ता है
जय प्रकश की समग्र क्रांति तब उनको था धो डाला
अब मनमोहन की बारी है जिसने यह सब कुछ कर डाला

Wednesday, April 20, 2011

anna hajarey....

ओ भारत के पुत्र शिरोमणि
निर्धन के तुम एक सहारे
भ्रष्टाचार पंक को जिसने
किया एक डीएम एक  किनारे
अनुपम आज के गाँधी तुम हो
अन्ना श्री हजारे !
दिग्गी अमर भ्रष्ट  नेता जी
डर  कर करें प्रलाप
अडवाणी हो या कंग्रेशी
सपा और बसपा हो चाहे
सब को सूंघा  सांप
बाबा रामदेव की महिमा
और हजारे साथ
दोनों ही इस देश के
बने अंनाथ के नाथ.

आओ हम सब हजारे को हजरून गुना बननाए...हम सब हजारे बन जाएँ..
जय  भारत.



Monday, April 4, 2011

badhi naye vars ke..

मंगलमय हो नव संवत्सर
मंगलमय यह  विजय दिवस हो
मंगलमय सब आशाये हो
करे पलायन अशुभ यहाँ से
जाने को सब पाप विवश हो
भ्रस्ताचार  का निर्मूलन हो
सत्ता का आदर्श शिखर हो
अनाचार का उन्मूलन हो
मंगलमय हो नव संवत्सर

मंगलमय यह विजय दिवस हो  .
सभी ब्लोग्ग प्रेमियों तथा इस देश की जनता को नए वर्ष की शुभकामनायें ,
विष्णु


Friday, April 1, 2011

kranti kranti...

अभी कल की बात है ------
मै उसे देख रहा था घसीटी जाती हुई ..
वह कोई और नहीं थी
वह थी वीरांगना रानी लक्छमीबाई-----
जिसे सीरिअल मे देखकर ,
आंखे भर आयीं .
वह अकेली नही
क्रांतिकारियों की लम्बी कतार है .
जिसने हमको दी बहार ही बहार है.
और हम ?
उनको दे रहे हैं घोटाले घोटाले...
स्रधांजलि में .
स्पक्ट्र्म . हसन अली  .मुंबई के आवास....
यही है हमारी स्वत्रता का उपहास .


Tuesday, March 29, 2011

Bharat pak muqabla

जरा जम के लगाना छक्का तुम
वह दिल के बहुत कमजोर हैं
जीत का आलम हिन्दुस्ता में
हवा बहुत  पुर् जोर है
देश मे शांति कायम रखो
कोई चुभन किसी को न हो
कोई जीते कोई हरे
क्रिकेट सदा विजयी हो..

मंगलकामनाये आपकी और हमारी ==



Tuesday, March 1, 2011

bahut dino ke baad.

आज उसे बहुत दिनों के बाद
आखों में बसाया है
कल तक वह सपनों में आती थी
आज उसे फिर अपने करीब बुलाया है.
कभी उससे कहा था ------
 तुमसे दूर चली जाउंगी
पास नहीं आउंगी .....
तुम्हारी नींदों को उड़ाऊँगी
तुम्हारे लिए रेगिस्तानी प्यास बन जाउंगी.
तुम्हे जी भर के सताउंगी-----
पर वह तो उसका नाटक था
इस धरती से जाने के बाद भी
वह अप्सरों सी स्वर्ग से उतर आती है.
उसकी यही अदा
मेरे अत्तीत की याद
भरपूर दिलाती है.------
बहुत दिनों के बाद.




Sunday, February 13, 2011

vigat dinon ..

मनमोहन जी या श्री कृष्णा
दोनों ही अनुपम हैं या कहे कि दोनों अतिभ्रम हैं.
एक कथित इमानदार और दूजे हैं प्रिय उनके.
एक को है कुछ नही पता  निज मंत्रीगन के कदाचार
दूजे को यू ० यन० में भासन लगता दूजे का सदाचार.
वाह वाह भारत सरकार !